~ Meri Zindagii Ke Taliban Ho Tum Be’Maqsad Tabahi Macha Rakhii Haii ..’
~ Suno Sahib Khatam Sirf Rishety Kiye Jate Haii Mohabbat Nahii .. ‘
उनकी ना खाता थी हम ही गलत समझ बैठे दोस्तो वो मोहब्बत से बात करते थे और हम मोहब्बत ही Continue Reading..
तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ। यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता हैं…!!
माँ ने रख दी आखिरी रोटी भी मेरी थाली में मै पागल फिर भी खुदा की तलाश करता हूँ !
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं मेरी बुराई ना सुन सके !!
दिल टूटा है मेरा और ख्वाब बिखर गये, दर्द मिला इश्क मे इतना कि जख्मो से हम निखर गये
एक ही समानता है पतंग औऱ जिन्दगी मॆं.. ऊँचाई में हो तब तक ही वाह-वाह होती हैं!!
हवस का आलम तो देखिये हुजूर… संतरे भी दबा दबाकर खरीदते हैं
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