सांपो के मुक्कदर में.. वो जहर कहाँ, जो आजकल इन्सान सिर्फ बातों मे ही उगलतें है।
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~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
मेरी आशिकी भी थोड़ी अलग सी है। वो स्टेशन पर बैठी थी सर्द रात में, मैने घर में रजाई ओढ़ना Continue Reading..
Udaasii Kaan Meiin Chup Kay Sey Kehney Lagii, Meiin Thak Gaye Hoon Chalii Jaun Agar Ijazat Ho ..
पूरी दुनिया से जुदा सी है वो, हम जिसे चाहते है खुदा सी है वो !!
-Aap Khud Hi Apnii AdaaO Pe Zara Gaur Kijiye, Hum Araz Krengey Toh Shikayat Hogi .. ‘
बेवफा कहने से पहले मेरी रग रग का खून निचोड़ लेना, कतरे कतरे से वफ़ा ना मिले तो बेशक मुझे Continue Reading..
धोखा देती है अकसर मासुम चेहरो की चमक हर काँच का टुकडा हीरा नही होता
~ Marham Na Sahii Ek Zakham Hii Dedo, Mehsoos Toh Ho Ke Bhule Nahii Ho Tum .. ‘
