सांपो के मुक्कदर में.. वो जहर कहाँ, जो आजकल इन्सान सिर्फ बातों मे ही उगलतें है।
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तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा, कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!
वो आईने को भी हैरत में डाल देता है …. किसी किसी को खुदा ये कमाल देता है
बहुत दिन हो गए ‘मुहब्बत’ लफ्ज़ सुन सुनकर मुझे…. कल ‘बेवफ़ा’ सुना तो तरी बहुत याद आई मुझे….
~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं….!!
अगर इतनी नफरत है मुझसे तो कोई ऐसी दुआ कर, जिससे तेरी दुआ भी पूरी हो जाऐ और मेरी जिन्दगी Continue Reading..
~Kheench Letii Haii Mujhe Unkii Mohabbat Har Bar, Warna Bohat Baar Mile The Unse Akhir Bar .. ‘
बेवफा कहने से पहले मेरी रग रग का खून निचोड़ लेना, कतरे कतरे से वफ़ा ना मिले तो बेशक मुझे Continue Reading..
