-Unhe Jhooth Bolney Ki Aadat Thii, Aur Humeiin Yaqeen Karney Ki .. ‘
आज मैंने दिल को थोड़ा साफ़ किया,❤ कुछ को भूला दिया, कुछ को माफ़ किया!!
दश्त था, सेहरा था, तन्हाई थी, वीरानी थी, अपने ही अपने नही थे…बस यही हैरानी थी.
उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब… यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
चंद पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के. ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
मुकद्दर में लिखा के लाये हैं दर-ब-दर भटकना.. मौसम कोई भी हो परिंदे परेशान ही रहते हैं…
Kuch tu hi mery dard ka mafhoom samajh lay. . Hansta hua chehra tou zamanay k liye hai. .
कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग, दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था..!!
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