~ Waqt Sab Kuch Cheen Leta Haii, Yeh Toh Phir Ek Muskurahat Thii .. ‘
ख्त्म कर दी थी…. जिन्दगी की ……हर खुशियाँ ….तुम पर,….* *कभी फुर्सत मिले …..तो सोचना …..मोहब्बत किसने की थी……*
उनकी गलियो से गुजरना तो बहुत आम था… बहाना भी एक कि कोई बेहद जरुरी काम था…
रात हुई जब शाम के बाद! तेरी याद आई हर बात के बाद! हमने खामोश रहकर भी देखा! तेरी आवाज़ Continue Reading..
मैं रोज अपने खून का दिया जलाऊँगा, ऐ इश्क तू एक बार अपनी मजार तो बता
Aa kuch likhdu tere bare meIN, Tu bhi dhundhti hogi khud ko mere Lafzon meIN
जब भी देखती है मुझे, नज़रें झुका लेती है वो, खुदा का शुक्र है, हमें पहचान तो लेती है वो।
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
: एक वक़्त था जब हम सोचते थे कि हमारा भी वक़्त आएगा , …. और एक ये वक़्त है Continue Reading..
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