इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
-Guzar Hi Jayengi Furqat Ki Ye Lambii Raatein, Jo Tu Nahi Na Sahi Tera Intezaar To Haii .. ‘
~ Badaltey Mausam Aur Badaltey Log Boht Takleef Detey Haii .. ‘
हजारों अश्क़ मेरी आँखों की हिरासत में थे, फिर उसकी याद आई और इन्हें जमानत मिल गई
कौन कहता है की वक्त बहोत तेज है •• कभी किसीका इंतजार तो करके देखो..
वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना, हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।
जिंदगी जला दी हमने जब जैसी जलानी थी, अब धुऐ पर तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी.
कुछ दस्तकें, नींद तोड़ने आती हैं और कुछ… सिर्फ दिल।
जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना. कम्बख्त ये जिंदगी.. भरोसे के काबिल नहीं है.!
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