इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
एक सुखी पति था………….. * * * * * * * * * * जाँच चल रही है किसका था।
कौन कहता है कि दिल सिर्फ सीने में होता है उसको लिखूँ तो मेरी उंगलियाँ भी धड़कती है..!
बारिश की बूंदों में झलकती है तेरी तस्वीर, आज फिर भीग बैठे तुझे पाने की चाहत में !! >
किस्मत तो लिखी थी मेरी सोने की कलम से, पर इसका क्या करें कि स्याही में ज़हर था..
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए.. मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे Continue Reading..
कमज़ोर पड़ गया है मुझसे तुम्हारा ताल्लुक … या कहीं और सिलसिले मजबूत हो गए हैं..
लोग कहते हैं समझो तो खामोशियां भी बोलती हैं .. मैं तो एक अरसे से खामोश हूँ और वो बरसो Continue Reading..
बड़ी देर तक साथ जागे ये चाँद और मैं, वो सितारों के बीच तनहा था और मैं भीड़ में अकेला Continue Reading..
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