ये शहर आजकल वीरान पड़ा है, सुनने में आया है कि, उनकी पायल खो गयी है।
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें….!! मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से……!!
ख़्वाहिशों की चादर तो कब की तार तार हो चुकी… देखते हैं वक़्त की रफ़ूगिरी, क्या कमाल करती है|
तख्तो-ताज की चिँता तो बादशाहो को होती है . हम तो अपनी रियासते अपने साथ लेकर घुमते है
Dil bhi gustakh ho chala tha mera.. Shukar he aap be wafaa niklay..
फिर से हो रही थी मोहब्बत उन्हें मुझसे…. ना खुलती आँख तो ,बस वो मेरे हो ही चुके थे… ..✍♡💕
-Mujhey Ab Farq Nahi Parta , Tumhare Badal Janey Sey .. ‘
मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
लोग कहते हैं समझो तो खामोशियां भी बोलती हैं .. मैं तो एक अरसे से खामोश हूँ और वो बरसो Continue Reading..
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