~Phiir Thehr Gyii Aanko’n Meiin Namii Phiir Dil Ne Kaha Ek Terii Kamii .. ‘
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Woh meri soch k parday mein chupa betha hai,,, main kisi aur ko sochon bhi to sochon kaise….?
एक दिन हम एक-दुसरे को यह सोच कर खो देगे, कि वो याद नही करता तो मै क्यो करू
Chala Kya Chand,,, Dekho Sogaye Saare Sitaare Bhi Ab To Aja O Neendh, Adhure Hai Kuch Khwab Hamare Bhi !!
*जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती* *मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो*
बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना, मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती.
Mohabbat Na Thii Toh Bataya Toh Hota, Bechara Dil Tumharii Khamoshii Ko Ishq Samjh Baiitha ..
बना के “ताजमहल” एक दौलतमंद आशिक ने….. “गरीबों” की मोहब्बत का तमाशा बना दिया।।
ये काजल, ये खुली-खुली जुल्फें , तुम यूँ ही जान माँग लेती इतना इंतजाम क्यूँ किया
