~Woh Ek Shakhs Zindagi Jaisa, Aur Woh Hii Merii Zindagi Mein Nahi ..’
Taqlik Kaniat Ki Yeh Reet Bari Nirali Hai.. Jo Ho Na Sake Apna Acha Bhi Wohi Lagta Hai..?
::..कभी कभी लोग बेहतर👌🏻की तलाश में, बेहतरीन को खो देते है..:👆🏻😏
jisko टूट के प्यार किया हो : उसको भूला पाना इतना आसान नही होता
बहन का प्यार है इसमें हिफाज़त का तक़ाज़ा भी, इसी रेशम के धागे पर कलाई नाज़ करती है।
*खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी..* *हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएगी नाम तुम्हारा..!!*
तुम्हे फुरसत हो दुनियां से तो कभी आकर मिलना, हमारे पास सिवा फुरसत के और रह क्या गया है..
HUM to tere hi rahe 1 jheel ke pani ki tarah AGAR drya bnte to bohat door nikal skte the!!
मुझे सिर्फ इतना बता दो….इन्तजार करु….. या बदल जाऊ मै भी तुम्हारी तरह….
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *