जो जिन्दगी आप अभी जी रहे है बहुत से लोगो के लिए अभी भी सपना है
नजर वालो को हिन्दू और मुसलमान दिखता है. . . मेँ अंधा हूँ साहब, , मुझे हर शख्स मे इँसान Continue Reading..
Bahut khaas the kabhi nazro mai kisi ke hum bhi, Magar nazro ke takaze badalne main der kaha lagti hai
ये दरिया-ए-अफसाना कभी ख़त्म ही नही होता ना तुम आते ना ये यादों का कारवां ही ख़त्म होता….
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए.. मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे Continue Reading..
वो बोलते रहे हम सुनते रहे, जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे.
तेवर तो हम वक्त आने पर दिखायेँगेँ.. शहर तुम खरीद लो हूकूमत हम चलायेँगेँ
मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता…
~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
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