असल मे वही जीवन की चाल समझता है जो सफर की धुल को भी गुलाल समझता है
मन की मैं पौसो से गरीब हु, पर कोई माझे अपना बनाये तो उसके सारे गम खरीद सकता हूं
~Ab Toh Bas Jaan Dene Ki Baari Haii, Meiin Kaha Tak Saabit Karu Mujh Meiin Bhii Waffa Haii .. ‘
मुझे नफरत पंसद है मगर, दिखावे का प्यार नही!!
जब_मिलो किसी से तो जरा_दूर का रिश्ता_रखना, बहुत_तङपाते हैँ अक्सर सीने ❤ से लगाने_वाले ।।
Meri Wafa Fareb Thi,, Meri Wafa Pe khaak Daal.!! Tujh Sa Hi koi Ba’Wafa Tujh Ko Mily Khuda Kary.!!
मुझे फर्क नहीं पता अपनो और गैरो का, हर कोई हँसा है मुझे रोता देखकर
तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में एक बार; दर्द हो तो समझ लेना मोहब्बत अभी बाकी है!
किस्मत तो लिखी थी मेरी सोने की कलम से, पर इसका क्या करें कि स्याही में ज़हर था..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *