असल मे वही जीवन की चाल समझता है जो सफर की धुल को भी गुलाल समझता है
क्या बयां करूँ कि लब अब खामोश रहते हैं, जुदा होकर उनसे हम अधूरे से लगते हैं
वो तो हम जैसे शायरों ने लफ़्ज़ों सेसजा रखा है… वरना मोहब्बत इतनी भी हसीं नहीँ होती…
पूरा दिन गुजर गया और तुमने याद तक ना किया मुझे नहीं पता था की इश्क़ में भी इतवार होता Continue Reading..
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
Beth jata hon khaak par aksar Apni aoqat achi lagti hai mujhy…!!
दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ , और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा
तुमने क्या सोचा कि रिश्ते तोडने से मुँहब्बत खत्म हो जाती है, अरे लोग तो उन्हें भी याद करते है Continue Reading..
जब भी देखती है मुझे, नज़रें झुका लेती है वो, खुदा का शुक्र है, हमें पहचान तो लेती है वो।
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