साँस तो लेने दिया करो… आँख खुलते ही याद आ जाते हो..
मुझे इस बात का गम नहीँ कि बदल गया ज़माना। मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो कहीँ तुम ना बदल Continue Reading..
तेरी यादोँ के ‘नशे’ मेँ, अब ‘चूर’ हो रहा हूँ, लिखता हूँ ‘तुम्हेँ’ और, ‘मशहूर’ हो रहा हूँ.
“तू अगर मुझे नवाजे तो तेरा करम है मेरे मालिक, वरना तेरी रहमतो के काबिल मेरी बंदगी नही.”
Apni halat ka khud ehsaas nahi h mujhko maine auro se suna hai ki pareshan hu mein
हमारे देश में लोग ट्रैफ़िक सिगनल को नहीं समझते हैं😕 मगर आँखों के इशारे समझने में पी.एच.डी कर रखी है
मैं हँसता हूँ तो बस अपने ग़म छिपाने के लिए.. और लोग देख के कहते है काश हम भी इसके Continue Reading..
खुदा कि बंदगी कुछ अधुरी रह गयी, तभी तेरे मेरे बीच ये दूरी रह गयी.
जब सुकून नही मिलता दिखावे की बस्ती में… तब खो जाता हूँ मेरे महाकाल की मस्ती में…
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *