साँस तो लेने दिया करो… आँख खुलते ही याद आ जाते हो..
~Zyada Kuch Naii Badla Haiin Tere Mere Beech Mein, Pehle Nafrat Na Thi Ab Pyar Nahii Haii .. ‘
नसीहत देता हूँ इसका मतलब ये नही….. मैं समझदार हुँ…. बस हमने गलतिया आपसे ज्यादा की है।
ऐ खुदा हिचकियों में कुछ तो फर्क डालना होता अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है
एक गलत इन्सान की वजह से कभी कभी, हमें पूरी दुनिया से नफरत हो जाती है !!
~ Ek Chehre Pe Hazzar Chehre Haii, Kis Chehre Ka Aitbaar Karoon .. ‘
वो आईने को भी हैरत में डाल देता है …. किसी किसी को खुदा ये कमाल देता है
~Bahot Mehsoos Hota Haii, Tera, Mehsoos Na Karna .. ‘
कुछ पतंगें तो मैंने यहीं सोचकर काट दी यारों… कि उन्हें बेचकर चौराहे पर खड़े ग़रीब का पेट तो भरेगा Continue Reading..
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