तकलीफ कि इन्तेहा तो तब है, जब लोग जिंदा रहे और रिश्ते मर जाये…
मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर… खवाब बदलेगें हकीकत में.. तू ज़रा कोशिश तो कर।
तेरा नाम था आज किसी अजनबी की जुबान पे… बात तो जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया…
-Hum Gareeb Ache Haiin Duniiya Dar Logon Se, Hum Apne Khawab Zaroor Torty Haiin Kisii Ka Dil Nahii .. ‘
जरा सी बात पर बरसों के याराने गए चलो अच्छा है पर कुछ लोग तो पहचाने गए
Maqam-E-Mohabbat Tum Ne Samjha Hi Nahin… Jahan Tak Tera Saath Wahin Tak Meri Zindagi ____!!
कोई वकालत नही जलती जमीन वालो की, जब कोई फैसला आसमान से उतरता है
ख़ुबसूरत था इस क़दर के महसूस ना हुआ,,,,,,,, कैसे कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
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