अच्छा हुआ तूने ठुकरा दिया .. तेरा प्यार चाहिये था, एहसान नही
बहुत सोचा, बहुत समझा, बहुत देर तक परखा, तन्हा हो के जी लेना मोहब्बत से बेहतर है
राख से भी आएगी खुशबू मोहब्बत की, मेरे खत तुम सरेआम जलाया ना करो..!!
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं, हम इसी वास्ते, अब हर शख्स से कम मिलते हैं
मेरी आँखों की औकात नही की किसी लड़की को घूर सके, याद रहता है खुदा ने एक बहन भी मुझे Continue Reading..
दुनिया में लोग कभी आईना ना देखते अगर , आईने में चित्र नही “चरित्र” दीखता तो……
शक तो था मोहब्बत में नुक्सान होगा, पर सारा हमारा होगा ये मालूम न था।
~Ab Toh Bas Jaan Dene Ki Baari Haii, Meiin Kaha Tak Saabit Karu Mujh Meiin Bhii Waffa Haii .. ‘
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
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