अच्छा हुआ तूने ठुकरा दिया .. तेरा प्यार चाहिये था, एहसान नही
गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी,, कभी हम नहीं समझे कभी तुम नहीं समझे
koi apna nhi hota ye bhi apno ne hi sikhaya h
शांखो से टूट जाये वो पत्ते नही हे हम , इन आंधीयों से केहदो जरा अपनी औकात में रहे ।
Kuch jhoothe vaade aur chnd bewfa log,,, Lagta hai aaj fer unki galiyo se guzar aye
तू मुझसे मिलने कभी नक़ाबों मे ही आ ! ख़ुद न मुमकिन तो ख़्वाबों मे ही आ !!
तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में था और तुम मेरी जुबान खुलने का इंतज़ार करते रहे।
~Woh Acha Haii Toh Behtar Bura Haii Toh Bhii Qabool, Mizaaj’E-Ishq Meiin Aib’E-Yaar Nahi Dekhey Jatey .. ^
इतना आसान नही जीवन का किरदार निभा पाना, इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तो को समेटने के लिए.
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