जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
भुला के मुझको, अगर आप भी हो सलामत,… तो भुला के मुझको, सम्भालना मुझे भी आता हैं !
मुझे ही लोग खो देते हैं अक्सर किसी को मैं कभी खोता नहीं हूँ
नहीं चाहिए कुछ भी तेरी इश्क़ कि दूकान से, हर चीज में मिलावट है बेवफाई कि..
Aa Rahi Hai Fiza Main Dheemi Dheemi Si Mehak Lgta Hai Wo Meri Yad Main Sans Le Raha Hai..
~एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानियाँ हैं .. ^
देख पगली दिल मेँ प्यार होना चाहिए… धक-धक तो Royal Enfield भी करता है!
बहन का प्यार है इसमें हिफाज़त का तक़ाज़ा भी, इसी रेशम के धागे पर कलाई नाज़ करती है।
शौक से बदल जाओ तुम मगर ये ज़हन मैं रखना की…… हम जो बदल गये तो तुम करवटें बदलते रह Continue Reading..
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