जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
कल जिनकी खातिर तोड दी थी हमने सारी हदे आज उन्होने ही कह दिया जरा हद मे रहा करो
-Koii Toh Aiisa Ho Jo Siirf Mera Ho .. ‘
मंजिलो पर जाकर साथ छोडते तो कोई बात न थी गुमराह कर गया मुझे तेरा यूँ बीच राह में छोड Continue Reading..
Main to barbaad ho gaye hoon magar, Ab kissi ko na tum aasraa denaa..
वो फिर से लौट आये थे मेरी जिंदगी में’ “अपने मतलब” के लिये, और हम सोचते रहे की हमारी दुआ Continue Reading..
जो चला गया उसे याद करके जिंदगी को मुश्किल बनाना ठीक नही! जीवन इतना सस्ता नही के उसे मिटाना ही Continue Reading..
सुंदरता मन की रखो, फेसवाश से सिर्फ मुँह चमकता है दिल नहीं !!
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