मुझे फर्क नहीं पता अपनो और गैरो का, हर कोई हँसा है मुझे रोता देखकर
*वो इश्क वो ख्वाब, वो वादे और जाने कहाँ गुम हो गए ॥। कल तक तो सिर्फ हम थे और Continue Reading..
मुझे मालूम है कि ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं… . मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां Continue Reading..
कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मोहब्बत का….!! कभी खुद से भी पूछा है इतनी खुबसूरत क्यों हो….!!
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे तेरे आज से, मगर कभी – कभी बिता हुआ कल याद आता है..
नाराज़गी बहुत है हम दोनों के दरमियान … वो गलत कहता है कि कोई रिश्ता नहीं रहा
Dil na ummeed nahi nakam hi to hai.. Lambi hai ghum ki shaam magar shaam hi to hai…
आप जिस पर आँख बंद करके भरोसा करते हैं, अक्सर वही आप की आँखें खोल जाता है.
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *