तू मुझे भुलाने की कोशिश तो कर, पल पल याद आऊँगी खुशबू की तरह
हम क्यों ग़म करें गर वो हमें ना मिले.. अरे ! ग़म तो वो करें जिसे हम ना मिले…
मै नही जानता मै क्यो लिखता हूँ, बस ये खाली कागज मुझसे देखे नही जाते
जमाना कहता है रात को नींद अच्छी आती है, मेरी नींदों में तो तेरी यादें ही शोर मचाती है !!
हिसाब बराबर करने का बड़ा शौक़ रखते हो न तुम….. देखो मैंने याद किया है तुम्हें,लो अब तुम्हारी बारी।।
तकलीफ कि इन्तेहा तो तब है, जब लोग जिंदा रहे और रिश्ते मर जाये…
किसी भुखे का पेट भरकर देखो* *सिर्फ खाली पेट व्रत रखने से माता खुश नहीं होती*..
*जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती* *मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो*
~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
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