एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया.. मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।
मोह्हब्ब्त किसी से तब ही करना जब निभाना सिखलो .. मजबूरियों का सहारा लेकर छोड़ देना वफादारी नही होती.
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
अजीब सबूत माँगा उसने मेरी मोहब्बत का कि मुझे भूल जाओ तो मानूँ मोहब्बत है !
दुनियां वाले कहते हैं दिल लगाना छोड़ दो…… लेकिन उस भगवान को क्यु नहीं कहते कि वो हि दिल बनाना Continue Reading..
लाख चाहू की तुझे याद न करू लेकिन इरादे अपनी जगह है और बेबशी अपनी जगह
Kya Zaroorat Thi Door Jane Ki ,, Pass Reh Kar B Mere Kab Thay Tum?
मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे, अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।
जुबान का वजन बहुत कम होता है लेकिन इसको बहुत कम लोग ही संभाल पाते है
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