कितना अच्छा होता…तुम जो मतलबी होते… और तुम्हें सिर्फ….मुझसे ही मतलब होता…
अपनी पहचान का तुझसे हवाला चाहु कितना पागल हूँ जो अँधेरे से उजाला चाहु
में किसी ओर का नहीं हु फिलहाल .. कोई तो मेरी हो जाओ
जिन आंखो को “सजदे” मे रोने की आदत हो* *वो आंखे कभी अपने “मुक्कदर” पे रोया नही करती*
सहजता से निभ सके वे ही रिश्ते सुखद है जिन्हें निभाना पड़े वो रिश्ते नहीं दुनियादारी है !!
कुछ अधूरी सी है हम दोनों की जिंदगी, तुम्हें सुकून की तलाश है और मुझे तुम्हारी.
तेरे प्यार की हिफाजत कुछ इस तरह से कि मैंने , जब भी किसी ने प्यार से देखा तो नज़रे Continue Reading..
-Hamarey Aitbaar Ki Hadd Poochtey Ho Toh Suno Tum’Neh Din Ko Raat Kaha Aur Hum So Gey .. ‘
जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना. कम्बख्त ये जिंदगी.. भरोसे के काबिल नहीं है.!
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