-Udaas Dil Aur Nam Ankhein, Bas Yahii Miilta Haii Mohabbat Meiin .. ‘
मैं खुल के हँस तो रहा हूँ फ़क़ीर होते हुए , वो मुस्कुरा भी न पाया अमीर होते हुये ।।
वो सामने आये तो अज़ब तमाशा हुआ; हर शिकायत ने जैसे ख़ुदकुशी कर ली।
कुछ पतंगें तो मैंने यहीं सोचकर काट दी यारों… कि उन्हें बेचकर चौराहे पर खड़े ग़रीब का पेट तो भरेगा Continue Reading..
ख़ुबसूरत था इस क़दर के महसूस ना हुआ,,,,,,,, कैसे कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया
तेरी यादोँ के ‘नशे’ मेँ, अब ‘चूर’ हो रहा हूँ, लिखता हूँ ‘तुम्हेँ’ और, ‘मशहूर’ हो रहा हूँ.
सांसों के सिलसिले को ना दो ज़िन्दगी का नाम, जीने के बावजूद भी मर जाते हैं कुछ लोग !!
हम नींद के शौक़ीन ज्यादा तो नहीं लेकिन, तेरे ख्वाब न देखूं तो गुज़ारा नहीं होता…
ठुकराया हमने भी बहुतों को है…तेरी खातिर,,, तुझसे फासला भी शायद…उन की बददुआओं का असर हैं …!!!!
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