~Jisam Chune se Mohabbat Nahi Hotii Yeh Woh Jazba Hai Jisay Emaan Kehtey Hain .. ‘
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हम तो नरम पत्तों की शाख़ हुआ करते थे. छीले इतने गए कि “खंज़र ” हो गए….
*एक चाहत होती है… अपनों के साथ जीने की, वरना पता तो हमें भी है …कि मरना अकेले ही है!*” Continue Reading..
कौन कहता है क़ि चाँद तारे तोड़ लाना ज़रूरी है….. दिल को छू जाए प्यार से दो लफ्ज़, वही काफ़ी Continue Reading..
मत चाहो किसी को इतना टूटकर ज़िन्दगी में, अगर बिछङ गये तो हर एक अदा तंग करेगी!!
अपनों की चाहत मे मिलावट थी इस कदर. मैं तंग आकर दुश्मनों को मनाने निकल गया..
में बहुत ज़ालिम हूँ ऐ मेरे दिल….. तुझे हमेशा उसके हवाले किया है, जिसे तेरी कदर ही नहीं…!!
मुझे मालूम था के लौट के अकेले ही आना है, फिर भी तेरे साथ चार कदम चलना अच्छा लगा..
मेरी आशिकी भी थोड़ी अलग सी है। वो स्टेशन पर बैठी थी सर्द रात में, मैने घर में रजाई ओढ़ना Continue Reading..
