~Jisam Chune se Mohabbat Nahi Hotii Yeh Woh Jazba Hai Jisay Emaan Kehtey Hain .. ‘
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न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी…
Teri Surat Se Nahin Milti Kisi Ki Surat Hum Saare Jahan Me Teri Tasveer Liye Phirte Hai !!
किसी से कुछ नही कहूंगा में देख लेना एक दिन यूँही मर जाऊंगा में
तुमने क्या सोचा कि रिश्ते तोडने से मुँहब्बत खत्म हो जाती है, अरे लोग तो उन्हें भी याद करते है Continue Reading..
~ Ek Chehre Pe Hazzar Chehre Haii, Kis Chehre Ka Aitbaar Karoon .. ‘
भिखारिन – “बच्चा भूखा है, कुछ दे दे सेठ!” गोद में बच्चे को उठाए एक जवान औरत हाथ फैला कर Continue Reading..
कैसे सोऊ सुकून की नींद में साहब… सुकून से सुलाने वालों के तो शव आ रहें हैं..
“बोलना सब जानते है मगर कब और क्या बोलना है यह कम ही लोग जानते है”
