तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये.. मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..
हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे, नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे !
Pehli mulaqat thi aur hum dono hi bebas the, wo zulfien na sambhal sake aur hum khud ko..!!
चंद पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के. ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
जो समझते थे की पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है, प्यार के लिए पल-पल तरसते मैंने ऐसे कई Continue Reading..
~Humari Kashtiyaan To Be-Yaqeeni K Bhanwar Main Hain, Chalo Acha Kiya Hum Se Kinaara Kr Lyia Tum Ne .. ^
जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना. कम्बख्त ये जिंदगी.. भरोसे के काबिल नहीं है.!
गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने भला कैसे कह दूं कि “माँ” अनपढ़ है मेरी।।
न गवाह मिलते है न लाशें मिलती हैं इसलिये लोग बेख़ौफ़ एहसासों का क़त्ल कर देते हैं
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