-Lo Badal Geya Mausam, Hoo’Ba-Hoo Terii Tarah .. ‘
je pyr bhi ajeeb h, jo ise jan le…. ye kmbkhat usi ki jaan le leta h….
लड़कियाँ खिलौना नही होती… जनाब.. पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते हैं
गुज़र गया दिन अपनी तमाम रौनके लेकर. ज़िन्दगी ने वफ़ा कि तो कल फिर सिलसिले होंगे.
यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
~Kuch Samaj Nahii Aatii Sheher Ke Logo’n Kii .. Yun’Hii Rooth Jate Haii Aayina Dikhane Par .. ^
बड़ी हिम्मत दी उसकी जुदाई ने मुझे, अब ना किसी को खोने का डर, ना पाने की चाहत।
हमने कहाँ आज कुछ मीठा बनाओ उन्होंने ऊगली अपने होठो पर रख दी !
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