मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
जी रहे है तेरी शर्तो के मुताबिक़ ए जिंदगी, दौर आएगा कभी, हमारी फरमाइशो का भी….!!
~Meiin Uske Khyaal Se Bhi Dur Jau Toh Kaiise, Woh Merii Soch Ke Har Raste Par Nazar Aata Haii .. Continue Reading..
कुछ ख्वाहिशें ,कुछ चाहतें , कुछ अरमान , कुछ राहतें…. बस ये सब टूटा मेरे दिल के साथ, तेरे जाने Continue Reading..
निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !! भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!
Tumhari Khusbu Se Mehakti Hai Wo Gazle Bhi, Jinme Likhti Hu Mai “Ki Tumhe Bhul Gai Hu.”
~Humari Kashtiyaan To Be-Yaqeeni K Bhanwar Main Hain, Chalo Acha Kiya Hum Se Kinaara Kr Lyia Tum Ne .. ^
आज फिर हँस पड़ी मैं..और रो गया दिल..जब कहा उसने.. कि तुम जैसा गरीब सिर्फ शायरी ही कर सकता है..!!
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे।
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