मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
“आज का ज्ञान! लड़की और नौकरी तभी छोड़ें, जब दूसरी हांथ में हो!”
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
~ Suno Sahib Khatam Sirf Rishety Kiye Jate Haii Mohabbat Nahii .. ‘
वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना, हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।
-Mujhey Ab Farq Nahi Parta , Tumhare Badal Janey Sey .. ‘
~Adhii Raat Ko Terii Yaad Meiin Aksa, Dil Chup’Ke Se Rota Haii ..’
कौन कहता है …, रब नज़र नहीं आता वही नज़र आता है.., जब नज़र कुछ नहीं आता….
जब आपकी ज़रूरतें कम होंगी , तब आपको ज़रुरत से ज़्यादा मिलेगा …
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