लोग तो वही रहते है बस वक्त के साथ उनका बर्ताव बदल जाता है
~Hasrat’E-Deedar Bhii Kya Cheez Hyy, Wo Samne Aye To Musalsal Dekha Bhi Nahi Jata .. ‘
ज़िन्दगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है, पर अपना है कौन ये वक़्त बतलाता है।
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे।
~Woh Bole Mohabbat Ka Sagar Bohat Gehra Haii, Hum Ne Kaha Doobny Wale Kabhi Socha Nahi Kartey .. ‘
Dil bhi gustakh ho chala tha mera.. Shukar he aap be wafaa niklay..
इक बात बेखौफ मुझसे कहता है आईना , कभी आदमी अच्छे हुआ करते थे तुम भी …..
बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
ये सोच के नज़रें मिलाता ही नहीं कि आँखें कहीं ज़ज्बात का इज़हार न कर दें :))
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *