Woh Jo Lakhon Mein, Ek Hota Hai Mere Liye, Woh Ek Shakhs Ho Tum.
~Bohat Bheer Thi Uss K Dil Main Jnaab .. Hum Khud Na Nikalty To Nikal Diye Jatey ..^
दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ , और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा
Bicharna Jin Se Na mumkin Samjhta Tha Mujhe Un Say Mile Ab TO Zamany Beet GayE.
प्रेम के चक्रव्युह को तोड़ना जानती थी तुम….!! मैं अभिमन्यु था,तो मारा गया….!!
एक तो कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादो की धुंध, बेहाल कर रखा है इश्क मे मौसमो ने भी।….
बहुत भीड़ हो गयी है तेरे दिल में, अच्छा हुआ हम वक़्त पर निकल गए
कितना अच्छा होता…तुम जो मतलबी होते… और तुम्हें सिर्फ….मुझसे ही मतलब होता…
दोनों साथ गये हैं वक्त बिताने डिनर पर.. बातें मगर उनसे.. मोबाइल कर रहा है!
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