लाख मिठाइयां चखी हो तुमने मगर.. खुशी के आंशू का स्वाद सबसे मीठा है
Ye Bary Dukh Ki Bat Hai K Ab Hamara Aik Dusray K Dukh Se Koi Wasta Nahi Raha Hai…
हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर…
चुप रहना ही बेहतर है, जमाने के हिसाब से ! धोखा खा जाते है, अक्सर ज्यादा बोलने वाले !!
यहाँ मेरा कोई अपना नहीं है….. . …..चलो अच्छा है कुछ ख़तरा नहीं है !!
Waqt Acha Zaroor Aata Hai.. Par Kabhi Waqt Par Nahi Aata…!!!
~Woh Bhool Jayega Is Tarah .. Yaqeen Jano Yaqeen Nahii Aata .. ^
याद आती है अब भी उनकी हमें हद से ज्यादा.. मगर वो याद ही नही करते तो हम क्या करें
फासलों का एहसास तो तब हुआ साहब….* *जब मैंने कहा “मैं ठीक हूँ”, और उसने मान लिया
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