वो सामने आये तो अज़ब तमाशा हुआ;
हर शिकायत ने जैसे ख़ुदकुशी कर ली।
Dil na ummeed nahi nakam hi to hai.. Lambi hai ghum ki shaam magar shaam hi to hai…
आदत बना ली है….मैंने खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो फिर तकलीफ न हो.
नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग, वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले.
-Ab Rakhna Mera Khayal Umer Bhar K Liiye, Maine Thama Haii Tumhara Hath Bary Maan K Saath .. ‘
जुबां कह न पाई मगर,आँखे बोलती ही रही, कि मुझे सांसो से पहले तेरी जरूरत है.
बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन , तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
कुछ पतंगें तो मैंने यहीं सोचकर काट दी यारों… कि उन्हें बेचकर चौराहे पर खड़े ग़रीब का पेट तो भरेगा Continue Reading..
~Mujhe Kisi Ke Badl Jane Ka Gum Nahii , Bas Koi Aaiisa Tha Jis’se Aiisi Umeed Na Thi .. ^
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