हम एक दिन महरूफ़ क्या हुए, जनाब ने तोहमत लगा दी खुद को भूल जाने की.
दो हिस्सों में बंट गए है, मेरे दिल के तमाम अरमान… कुछ तुझे पाने निकले, तो कुछ मुझे समझाने निकले….
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें देदू, मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं.
दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ , और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा
Kya? Phir EK Mitti K Mujsmay Say Umeed_e_Wafa,,, Aay DIL Tujhay Such Main Izzat Raas Nahi….?
बादशास की गली मे आकर कभी पता नही पूछा करते . गुलामो के झुके हुए सर खुदबखुद रास्ता बता देते Continue Reading..
जरुरी तो नहीं हर चाहत का मतलब इश्क हो कभी कभी कुछ अनजान रिश्तों के लिए भी दिल बेचैन हो Continue Reading..
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