हम एक दिन महरूफ़ क्या हुए, जनाब ने तोहमत लगा दी खुद को भूल जाने की.
Tujhe kya lagta h, Mujhe Teri yaad nhi aati…. Aye Pagal koi apni Barbaadi ko itni jaldi Bhool sakta h Continue Reading..
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो
दिन में ना जाने कितनी बार होता है ऐसा… तेरी याद आना और मेरा उदास हो जाना
तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में था और तुम मेरी जुबान खुलने का इंतज़ार करते रहे।
सारी ज़िंदगी रखा है बे-वफ़ा रिश्तों का भरम___!! सच पूछो तो कोई भी अपने “सिवा अपना” न था____!!!
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
वो मेरा हमसफर भी था वो मेरा राहगुजर भी था, मंजिलें ही एक न थीं, दरमियाँ ये फासला भी था।
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