हम एक दिन महरूफ़ क्या हुए, जनाब ने तोहमत लगा दी खुद को भूल जाने की.
कुछ हसरतें अधूरी ही रह जायें तो अच्छा है … पूरी हो जाने पर दिल खाली सा हो जाता है…
पत्थर समझ कर हमे मत ठुकराओ कल हम मंदिर मे भी हो सकते है
वो कर रहे थे महफिल मे जिक्र अपनी वफा का . नजर मुझ पर पडी तो बात ही पलट दी
ना चंपा ना पारो आपना तो एक ही ऊसूल है हर लडकी पे लाईन मारो…
अगर आप अपनी रोटी अच्छी पका रहे है तो, #मक्खन लगाने वाले अपने आप आपके पास आ जाएँगे.
जो छलक न पाए ‘आँसू’ … उन्हें ‘बेबसी’ समझना … जो छलक जाए, उन्हें मेरी ‘बेसब्री’ समझना ।।
Kuch wqt ki rwaani ny hmain yon bdl diya.. Wafa PR ab bhi qaym hain mgr muhabbat chor di hum Continue Reading..
-Kya Itne Door Nikal Aaye Hai Hum, Ke Tere Khayalo Me Bhi Nahi Aatey .. ‘
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