जिस्म छू के तो.. सब गुज़रते हैं.. रूह छूता है कोई.. हज़ारों में..
jindaa rhne k liye…. rooh ki jrut hoti h saash ki nhi..
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
कैसे करूँ मैं साबित…कि तुम याद बहुत आते हो… एहसास तुम समझते नही…और अदाएं हमे आती नहीं…
~Unka Ishq Chaand Jaisa Tha .. Poora Hua Toh Ghatne Lga .. ‘
अब तो इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट छुट्टी तो दिखती है पर सुकून नजर नहीं आता
गिला भी तुझ से बहुत है, मगर मोहब्बत भी, वो बात अपनी जगह है, ये बात अपनी जगह
-Hamarey Aitbaar Ki Hadd Poochtey Ho Toh Suno Tum’Neh Din Ko Raat Kaha Aur Hum So Gey .. ‘
इतिहास गवाह है टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर, चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद Continue Reading..
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