हम जिस्म को नही रूह को वश मे करने का शोक रखते है
Badi ajeeb se aaj kal Duniya ke mele hai, Doorr se dikhti to bheed hai par chalte sab akele hai..
ख्वाहिशों का झरना एक तुम भी हो मेरी लापता मोहब्बत की मिसाल एक तुम भी हो
मैं मोहब्बत करता हूँ तो टूट कर करता हुँ… ये काम मुझे जरूरत के मुताबिक नहीं आता….
मेरे दर्द को रोज सुनते हो आप, आज आप कुछ लिखो मैं सुनूंगा
अब समझ में आया की इसका क्या मतलब होता है… कि “जो होता है अच्छे के लिए होता है.
तुम रख ना सकोगे मेरा तोहफा सभालकर वरना मै तुमको अभी दे दु अपने जिस्म से रूह निकाल कर
हजार टुकड़े कर दिए उसने मेरे दिल के।।। फिर वो खुद रो पड़ी,,हर टुकड़े पर अपना नाम देख कर।।
“तुम्ही आकर थाम लो ना मुझे .! बाबू सब ने छोड़ दिया है मुझे तेरा समझकर ..!!”
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