कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग, दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।
~Terii Soorat Ko Jab Sey Dekha Haii, Merii Aankhon Pe Log Martey Haiin Tab Sey .. ‘
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें….!! मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से……!!
-Unse Kehdo Hamarii Sazza Kuch Kam Kardey, Hum Mujrim Nahii Bas Galti Se Ishq Hua Haii .. ‘
जनवरी से तुम्हें खुशियाँ मिली क्या यारो, मैं तो अब भी तन्हा हूँ दिसंबर की तरह !!
लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार भी तुम्हारा है, तुम झूठ को सच लिख दो, अखबार भी तुम्हारा है..!!
Koi Taweez Aisi Do Ke Mai Hoshiyaar Ho Jaaon.. Bohot Takleef Deti Hai Mujhe Ye Saadgi Meri…
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोह्हबत से नफ़रत हो गयी
नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर, कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए….तो भी दिल धड़क Continue Reading..
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