कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग, दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है…. लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर !!
JiSki nazron mein hum nhi ache….. Kuch toh woh app bhi bUre honge…
मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना, मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।
तख्तो-ताज की चिँता तो बादशाहो को होती है . हम तो अपनी रियासते अपने साथ लेकर घुमते है
“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
चेहरे “अजनबी” हो जाये तो कोई बात नही, लेकिन रवैये “अजनबी” हो जाये तो बडी “तकलीफ” देते हैं !
Sirf Ek Baar Aao Mere Dil Ki Aahat Sun-ne Phir Laut Ne Ka Irada Hum Tum Par Chhor Denge.
इश्क हुआ है तुझसे,बस यही खता है मेरी, तू मोह्बत है,और तू ही कमजोरी है मेरी।
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