काश में लौट जाओ बचपन की वादियो में जहाँ कोई न जरूरत थी और ना कोई जरुली था
कितने अंदाज से किया “नजर अंदाज” उसने, ऐ खुदा” उसके इस अंदाज को “नज़र” ना लगे.
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली…. . अगर सबूत देने पर आया तो तू बदना हो जायेगी…
Ruke to chaand, chale to hawaaoon jaiaa hai Woh shakhs dhoop me dhekhoo to chaaon jaisa hai
मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब… ये भी न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी Continue Reading..
मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे .. फिर भीमैं चलता रहा क्यूँ कि Continue Reading..
आदमी कभी भी इतना झूठा नही होता … अगर औरते इतने सवाल न करती
इतना सितम से पहले सोचा भी नहीं उसने, मैं सिर्फ दीवाना नहीं.. इंसान भी था
Rooh men meri bass k bOla wO .. Itni nazdekiyan achi nhi hOti ..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *