काश में लौट जाओ बचपन की वादियो में जहाँ कोई न जरूरत थी और ना कोई जरुली था
जलील न किया करो किसी फ़क़ीर को अपनी चौखट से साहब…. वो सिर्फ भीख लेने नहीं दुआ देने भी आता Continue Reading..
हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर…
तेरे पास रहकर तुझे कभी खुशी तो नहीं दे पाए पर अब तेरे पास रहकर तेरे दुख की वजह कभी Continue Reading..
पहचान ना पाया तेरी हकीक़त को वक्त रहते। ये मेरी मोहब्बत थी या तेरे झुठ बोलने का हुनर
कोई सुलह करा दे जिदंगी की उलझनों से… बड़ी तलब लगी है आज मुस्कुराने की
कहते हे कि पत्थर दिल रोया नही करते तो.. फिर पहाङो से ही झरने क्यो बहा करते है ..”
मेरे दिल की पुकार तेरे दिल तक कभी जाती तो होगी ! रोज नहीं तो कभी न कभी मेरी याद Continue Reading..
Dard dilon ke kam ho jaate… Main aur Tum agar hum ho jaate
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