एक सुखी पति था………….. * * * * * * * * * * जाँच चल रही है किसका था।
बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन , तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
*खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी..* *हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएगी नाम तुम्हारा..!!*
Ajeeb tamasha hua jab wo samne aaye… Har shikayat ne jaise khudkhushi kar li..
हम बने ही थे तबाह होने के लिए.. तेरा छोड़ जाना तो महज़ इक बहाना था.
मैं हँसता हूँ तो बस अपने ग़म छिपाने के लिए.. और लोग देख के कहते है काश हम भी इसके Continue Reading..
लोग कहते हैं समझो तो खामोशियां भी बोलती हैं .. मैं तो एक अरसे से खामोश हूँ और वो बरसो Continue Reading..
कहा था ना मैने “सोच लो तुम” जिन्दगी भर रिश्ते निभाना आसान नहीं होता..
मुद्दते हो गई चुप रहते.. कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते…!!!
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