हवा के झोंके से पुछता हूं हाल उनका शायद वो उनके शहर से गुजरा हो
चाँद तारों में नजर आये चेहरा तेरा… जब से मेरे दिल पे हुआ है सनम पहरा तेरा.
je pyr bhi ajeeb h, jo ise jan le…. ye kmbkhat usi ki jaan le leta h….
जिंदगी अगर समझ ना आयी,तो मेले में अकेला, अगर समझ आ गई…….तो अकेले में मेला.
काम ऐसा करो की नाम हो जाए । या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए ।।।
खफा रहने का शौख भी पूरा कर लो लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नही लगते..
Badal gae hain ab hum dono …! Na woh manti hai , na mai roht’ta Hun …!!!
मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
जब भी देखती है मुझे, नज़रें झुका लेती है वो, खुदा का शुक्र है, हमें पहचान तो लेती है वो।
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