खवाब टूटे मगर हौसले जिंदा है । हम वो है जहाँ मुश्किले भी शर्मिंदा हैं ।
दिल पे लगे वैसे तो घाव बहुत है एक तेरा बिछड़ना खामोश कर गया….
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी, और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!
रोज़ ख्वाबों में जीता हूँ वो ज़िन्दगी … जो तेरे साथ मैंने हक़ीक़त में सोची थी
पत्थर समझ कर हमे मत ठुकराओ कल हम मंदिर मे भी हो सकते है
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है . पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है..!!
Mujhe Ek Baat Se Bahut Sukoon Milta Hai. Mera Koi Nahi But Mai Sabka Hun.. !!
जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह जान लिया हमने लोग तो तब याद करते हैं जुब वह खुद अकेले Continue Reading..
हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर, हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है
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