खवाब टूटे मगर हौसले जिंदा है । हम वो है जहाँ मुश्किले भी शर्मिंदा हैं ।
साझेदारी करो तो किसी के दर्द के साथ, क्योंकि खुशियों के दावेदार तो बहुत हैं।
जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था, माँ तूने गोद मे उठा कर जब प्यार किया था.
हमारे कत्ल के लीऎ तो मीठी जुबांन ही काफी है… अजिब शक्स थे वो जो खंजर तलाश रहे थे..!
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
लड़कियाँ खिलौना नही होती… जनाब.. पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते हैं
मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
Kaash Tu Meri Ankhon Ka Aansu Ban Jaye, Main rona Chor Du Tujhe Khone Ke Darr Se!
-Mohabbat Ko Azmana Haii Toh Bas Itna Hii Kaffii Haii Zara Rooth Kar Dekho Kon Mananey Aata Haii .. ‘
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