जीभ मे हड्डीया नही होती फिर भी जीभ हड्डीया तुडवाने की ताकत रखती है
मेरी बरबादियों में तेरा हाथ है मगर……. में सबसे कह रहा हूँ ये मुकद्दर की बात है…
लापरवाह सही तुम्हें याद तो करते है.. आदतें बुरी ज़रूर है दिल के बुरे नही है हम..
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे
शौक से बदल जाओ तुम मगर ये ज़हन मैं रखना की…… हम जो बदल गये तो तुम करवटें बदलते रह Continue Reading..
Jisy Khud sy hi nahi fursatein, jisy khyal apnay jamal ka… Usey Kya Khabar mery shoq ki , usy kya Continue Reading..
काश में लौट जाओ बचपन की वादियो में जहाँ कोई न जरूरत थी और ना कोई जरुली था
बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन , तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
चेहरे पर जो अपने दोहरी नकाब रखता हैं, खुदा उसकी चलाकियों का हिसाब रखता हैं
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *