चलो बिखरने देते है जिंदगी को अब, सँभालने की भी तो एक हद होती है…!
फिर से बुनने लगे ख्वाब एक नया, जाने कबतक ये सिलसिला चले इंतजार का
वो बोलते रहे हम सुनते रहे, जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे.
आखिर कैसे भुला दे हम उन्हें…. मौत इंसानो को आती है यादो को नहीं……!!
उसके जाने के बाद मोहब्बत नहीं करते हम किसी से छोटी सी ज़िन्दगी है किस किस को आजमाते रहेंगे
Jis Ne Is Dour K Insaan Kiye Hain Paida Wohi Mera Bhi Khuda Ho Mujhe Manzoor Nahi..
Sirf 2 Hi Waqt K Liye Tera Saath Chahiye…!! . . . Aik To Abhi Aur Aik Humesha K Liye…!!
गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी, कभी हम नहीं समझे कभी तुम नहीं समझे….!!
जिनके मिलते ही… ज़िन्दगी में ख़ुशी मिल जाती है … वो लोग जाने क्यों… ज़िन्दगी में कम मिला करते है…!!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *