असल मे वही जीवन की चाल समझता है जो सफर की धुल को भी गुलाल समझता है
दुश्मनी जम कर करो लेकिन इतनी गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जायें तो शर्मिंदा कोई न हो..
Ye Bary Dukh Ki Bat Hai K Ab Hamara Aik Dusray K Dukh Se Koi Wasta Nahi Raha Hai…
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं, हम इसी वास्ते, अब हर शख्स से कम मिलते हैं
Tumhari Khusbu Se Mehakti Hai Wo Gazle Bhi, Jinme Likhti Hu Mai “Ki Tumhe Bhul Gai Hu.”
चलो मान लेता हुँ कि मुझे महोब्बत करनी नही आती . पर यह तो बता तुझे दिल तोडना किसने सिखाया
दिल पे लगे वैसे तो घाव बहुत है एक तेरा बिछड़ना खामोश कर गया….
प्रेम के चक्रव्युह को तोड़ना जानती थी तुम….!! मैं अभिमन्यु था,तो मारा गया….!!
Ajeeb Andhera Hai “ISHQ” Teri Mehfil Me, Kisi Ne “DIL” Bhi Jalaya To “ROSHNI” Na Hoi…!!!
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