~Kantay To Naseeb Main Ane Hi The Phool Jo Hum Ne Gulaab Chuna Tha .. ^
मोहब्बत में हमेशा अपने आप को बादशाह समझा हमने मगर एहसास तब हुआ जब किसी को माँगा फकीरों की तरह
कोई चेहरे का दीवाना, किसी को तन की तलब!! अदाएं पीछा करवाती हैं, मोहब्बत कौन करता है
इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
लाख समझाया उसको की दुनिया शक करती है.. मगर उसकी आदत नहीं गयी मुस्कुरा कर गुजरने की.!
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
लम्हों की दौलत से दोनों ही महरूम रहे, मुझे चुराना न आया, तुम्हें कमाना न आया।
मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं; फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई गिला नहीं; और कितने आंसू Continue Reading..
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