सुंदरता मन की रखो, फेसवाश से सिर्फ मुँह चमकता है दिल नहीं !!
तू याद रख, या ना रख… तू याद है, ये याद रख…
हर बार किस्मत को दोष देना अच्छी बात नही कभी-कभी हम भी हद से ज्यादा माँग लेते है
जब सुकून नही मिलता दिखावे की बस्ती में… तब खो जाता हूँ मेरे महाकाल की मस्ती में…
ये दुनियाँ के तमाम चेहरे तुम्हें गुमराह कर देंगें.. तुम बस मेरे दिल में रहो, यहाँ कोई आता जाता नहीं
हम नींद के शौक़ीन ज्यादा तो नहीं लेकिन, तेरे ख्वाब न देखूं तो गुज़ारा नहीं होता…
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोह्हबत से नफ़रत हो गयी
Itna na sataya kar ke raat bhar na so sake hum, Subah ko surkh ankhon ka sabab pochte hain log
Pyar ki raahon mein takraar na karna…….. Zindigi mein pyar baar baar na karna..
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