😥😥😥जीने भी दे ,,,😓😓दुनिया हमें इल्जाम न लगा एक बार तो करते हैं सब कोई हँसी गुन्हा,,,,,,😢😢
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शायरी शौक नही, और नाही कारोबार है मेरा, बस दर्द जब सह नही पाता, तो लिख देता हूँ
खामोशियाँ तेरे मेरे बीच…कितनी सच्ची लगती हैं… लफ्जों के धोखे से कहीं दूर…चुपके से हंसते हैं….
हमने सोचा था की हर मोड़ पर याद करेंगे तुझे पर कमबख़त पूरी सड़क ही सीधी निकली कोई मोड़ ही Continue Reading..
खुद को बुरा कहने की हिम्मत नहीं इसलिए लोग कहते हैं”जमाना खराब है”..
तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा, कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!
Log Doosro ki Burayiya Chupana Nahi Chahte Aur Apni Dikhana
कितना अच्छा होता…तुम जो मतलबी होते… और तुम्हें सिर्फ….मुझसे ही मतलब होता…
कोई खुद में खो गया हमें भूलकर हम खुद को भूला बैठे उनकी यादों में खोकर
